अमृतसर बिजली की किल्लत के चलते महानगर में लगते बिजली कट लोगों का पसीना छुड़ा रहे हैं। दो दिनों से बढ़े पारे ने बिजली निगम को एक बार फिर बिजली कट लगाने के लिए मजबूर कर दिया है। प्रतिदिन लगने वाले रूटीन के चार घंटे के बिजली कट के अतिरिक्त दो घंटे का और बिजली कट लगाने की बिजली निगम के पटियाला कार्यालय ने घोषणा कर दी है। वहीं इंडस्ट्री का खत्म किया गया कट भी सप्ताह में एक बार दोबारा लगाना शुरू कर दिया गया है। उधर, दावों के बावजूद भी बिजली निगम किसानों को धान की रोपाई के लिए आठ घंटे तक बिजली सप्लाई नहीं दे पा रहा है। बिजली निगम महानगर और ग्रामीण इलाकों में भी प्रति सप्ताह बिजली मशीनरी की मरम्मत के नाम पर प्रत्येक सोमवार को एक दिन को बिजली कट लगा रहा है।
बिजली निगम की ओर से रूट में हर रोज चार घंटे का बिजली कट घोषित किया गया है। यह कट सुबह नौ बजे से लेकर 11 बजे तक लगाया जाता है। इसी तरह बाद दोपहर एक बजे से लेकर तीन बजे तक भी बिजली कट विभाग लगाता है। शनिवार से इस बिजली कट को बढ़ा दिया गया । उक्त समय के सुबह भी एक घंटा और रात्रि आठ बजे के बाद एक घंटे का कट लगाने की योजना लागू कर दी गई है।
क्लाथ मेन्यूफैक्चर स्माल इंडस्ट्री एसोसिएशन के नेता दीपक कुमार कहते हैं कि सोमवार को मशीनरी मरम्मत के नाम पर एक दिन के कट के अलावा सप्ताह में एक दिन का और कट लगने से इंडस्ट्री में उत्पादन पर प्रभाव पड़ेगा। छोटी इंडस्ट्री पहले ही आर्थिक तंगी से गुजर रही हैं। जम्हूरी किसान सभा के अध्यक्ष डा. सतनाम सिंह कहते हैं कि किसानों को सिर्फ 5-6 घंटे ही बिजली मिलती है, जो धान की रोपाई के लिए पर्याप्त नहीं है। बिजली निगम बार्डर जोन के चीफ इंजीनियर राजीव कुमार का कहना है कि विभाग किसी भी कीमत पर अनावश्यक कट लगाने के पक्ष में नहीं है। अगर कभी डिमांड बढ़ जाती है तो पटियाला मुख्यालय के आदेशों पर कुछ समय के लिए कट लगाने पड़ता है। लोगों को बिजली की बचत तरफ भी ध्यान देना चाहिए।
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