विदेशी नस्ल के बढि़या बैलों का सीमन पंजाब की गाय की नस्ल बदलेगा। देसी गाय की विदेशी नस्ल के बैलों से ब्रीडिंग करवा कर पशु पालन विभाग अधिक दूध देने वाली गाय की नस्ल तैयार करेगा। पशुपालन विभाग ने कनाडा और अमेरिका से बढि़या क्वालिटी के बैलों का सीमन मंगलवाया है। इस सीमन से देशी गायों का कृत्रिम गर्भधारण विशेष विधि से करवाया जाएगा।
पंजाब में विभिन्न किस्म की देशी गाय आमतौर पर 6 से 12 लीटर तक ही दूध देती है। विदेशी सीमन से पैदा होने वाली नई ब्रीड की गाय 35 से 40 लीटर का दूध देंगी। यहीं बस नहीं नई पैदा हुई ब्रीड की गाय विभिन्न तरह के पशुओं को होने वाले खतरनाक रोगों से भी मुक्त होंगी।
पशुपालन विभाग ने गायों के कृत्रिम गर्भधारण करने के लिए 207 सेंटर स्थापित किए हैं। गायों को कृत्रिम गर्भधारण करवाने के लिए अलग अलग पशु चिकित्सा अस्पतालों में स्पेशल व्यवस्था की गई है। विदेशी नस्ल के बैलों का सीमन सुरक्षित रखने के लिए विशेष लिक्विड नाईट्रोजन किटों की व्यवस्था की गई है। इनमें मौजूद गैस को -196 डिग्री सेंटीग्रेड तक रखा जाता है। इन की सहायता से विभाग के विशेषज्ञ देसी गायों का विदेशी सीमन से गर्भधारण करवा कर स्पेशल एचएफ नस्ल की गायों की ब्रीड पैदा कर रहे है। पटियाला में विदेशी सीमन स्टोर करने के लिए विभाग ने एक सीमन बैंक भी स्थापित किया है।
अमृतसर जिले में एक जनवरी 2010 से लेकर 5750 गायों को कृत्रिम गर्भधारण करवाया जा चुका है। इस वर्ष दिसंबर तक विभाग की ओर से 15000 से अधिक गायों को कृत्रिम गर्भधारण करवाया जाएगा। इस के लिए विभाग में स्पेशल विशेषज्ञों को तैनात किया गया है।
अमृतसर जिले में इस समय 94171 देसी गाय हैं, जबकि 81866 क्रास ब्रीड गाय हैं। क्रास ब्रीड में एचएफ किस्म की 49047 और जर्सी किस्म की 17702 गाय हैं। अन्य किस्म की क्रास ब्रीड की करीब 15117 गाय हैं। देसी किस्म की गाय में शाहीवाल किस्म की 2162 व हरियाणा तथा अन्य किस्म की 12305 गाय हैं। इन सभी गाय की एचएफ ब्रीड तैयार करने का विभाग ने लक्ष्य रखा हुआ है।
पशुपालन विभाग के डिप्टी डायरेक्टर डा. पवन कुमार गांधी कहते हैं कि विदेशी सीमन से देसी गायों की नई ब्रीड पैदा करने का मुख्य मकसद अधिक दूध देने वाली गाय पैदा करना है। नई ब्रीड चमड़ी की खारिश, चमड़ी के कीटों, पेट की रसौलियों और मुंह व खुर के इंफेक्शन की खतरनाक बीमारियों से दूर रहती हैं। नई ब्रीड की गाय को गर्मी के मौसम से बचाना जरूरी होता है।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें