शनिवार, 26 सितंबर 2020

श्री अकाल तख्त साहिब से लोगोवाल समेत मौजूद व पूर्व कार्यकारिणी कमेटी के सदस्यों का सुनाई धार्मिक सजा

 



— लंगाह के साथ संबंध रखने वालो को भी सुनाई धार्मिक सजा
— श्री हरिमंदिर साहिब परिसर में निहंग सिंह की पगडी उतारने वाले एसजीपीसी कर्मचारी भी दोषी किए गए एलान
 अमृतसर
श्री गुरु ग्रंथ साहिब के वर्ष 2016 में गुरुद्वारा श्री रामसर साहिब में शार्ट सर्किट से आग लगने से प्रभावित हुए स्वरूपों व गायब हुए 382 पावन स्वरूपों के मामले में पश्चाताप करने के लिए मौजूदा व पुरानी कार्यकारिणी कमेटी के सदस्य पेश हुए। श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष मौजूदा व पुरानी कार्यकारिणी कमेटियों के सदस्यों ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए सारी संगत के सामने क्षमा मांगी। अकाल तख्त साहिब पर सिंह साहिब ज्ञानी हरप्रीत सिंह , तख्त केसगढ साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रघुबीर सिंह , तख्त पटना साहिब की जत्थेदार ज्ञानी रंजीत सिंह गौहर ए मस्कीन, श्री हरिमंदिर साहिब के ग्रंथी ज्ञानी गुरमिंदर सिंह और अकाल तख्त साहिब के ग्रंथी ज्ञानी मंगल सिंह ने फैसला लेकर आरोपियों को धार्मिक सजा का श्री अकाल तख्त साहिब से एलान किया।
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वर्ष 2016 की कार्यकारिणी के सदस्य जो पूर्व महासचिव सुखदेव सिंह भौर और वरिष्ठ उपाध्यक्ष रघुजीत सिंह विर्क के नेतृत्व में 12 सदस्य गलती स्वीकार करते हुए पेश हुए। परंतु इन में से मंगल सिंह और सूबा सिंह सेहत ठीक न होने के कारण पेश नही हुए। जबकि पूर्व अध्यक्ष अवतार सिंह मक्कड अकाल चलाना कर गए है।
सिंह साहिब ने पुरानी कार्यकारिणी को अग्नि भेंट हुए स्वरूपों में क्षमा न मांगने पर दोषी मानते हुए  सभी कार्यकारिणी सदस्यों को धार्मिक सजा सुनाते हुए कहा कि
—साहज पाठ आप करें या फिर किसी पाठी से करवाएं
—एक महीना अपनी शरीरिक शक्ति के अनुसार निक्ट के गुरुद्वारा में सेवा करें।
— एक वर्ष के लिए एसजीपीसी में किसी भी पद पर इन को तैनात न किया जाए
— एसजीपीसी इन व्यक्तियों को अपनी किसी भी सब कमेटी ने सदस्य न बनाए

इन आरोपियों ने स्वरूप अग्नि भेंट होने पर उस वक्त क्षमा न मांग का बडा अपराध किया है। इस लिए यह पंथ और गुरु के दोषी है। अपनी सजा को पूरी करने के बाद सभी सदस्य श्री अकाल तख्त साहिब पर रिपोर्ट करेंगे।

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श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष मौजूदा कार्यकारिणी के सभी सदस्यस एसजीपीसी के अध्यक्ष गोबिंद सिंह लोंगेावाल की अध्यक्षा में पेश हुए। इस दौरान लोगोवाल ने पुरानी कमेटी की ओर से की गई गल्ती की क्षमा न मांगने व एसजीपीसी के प्रबंधकों के तहत 328 स्वरूप गायब होने के मामले अपनी गलती स्वीकार करते हुए क्षमा मांगी। इस दौरान सिंह साहिब ने मौजूदा कार्यकारिणी कमेटी के सभी सदस्यों को सतनाम वाहे गुरु का जाप करते हुए श्री हरिमंदिर साहिब के सारी परिक्रमा करके पेश होने के आदेश दिए। वही कहां कि सभी दोषी अपने मूंहों पर बांधे हुए मास्क और रूमाल को हटा कर अपने चेहरे संगत को दिखाएं और अपनी गल्ती स्वीकार करें।
परिक्रमा करने के बाद जैसे ही मौजूदा कार्यकारिणी के सदस्य दोबारा श्री अकाल तख्त साहिब पर पेश हुए तो सिंह साहिब ने उनको धार्मिक सजा सुनते हुए कहा कि
— मौजूदा कार्यकारिणी गुरुद्वारा श्री गुरु रामसर साहिब में एक सहज पाठ करवाएगी
— एक  सहज पाठ श्री अकाल तख्त साहिब पर करवाया जाएगा
— अकाल तख्त साहिब पर जब पाठ शुरू करवाया जाए तो तीन दिनों तक सभी सदस्य रोज सारागढी सराय से श्री अकाल तख्त साहिब की ढियोडी तक झाडू देकर सफाई करेंगे।
— कोई भी सदस्य एक माह तक 18 सितंबर से लेकर 17 अक्टूबर तक किसी भी जन कार्यक्रम में भाग नही लेगा और किसी भी कार्यक्रम के संबोधित नही करेगा।
—यह सदस्य एसजीपीसी के बजट इजलास में शामिल हो कर वहां संबोधित कर सकते है
— यह सदस्य अपने कार्यालय के काम रोजाना कर सकते है और मीडिया के साथ भी बात कर सकते है
— एसजीपीसी की मौजूदा कार्यकारिणी और भविष्य में कोई भी कार्यकारिणी जो भी प्रस्ताव एक बार पास करके उसे भविष्य में वापिस नही लिया जाएगा। जो भी प्रस्ताव पारित करना है वह पहले विद्वाना, बुद्धिजीवियों और संगत के साथ सलाह करके लिया जाए। फैसले वापिस लेने से संस्थान का अक्स खराब होता है।

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श्री हरिमंदिर साहिब परिसर में श्री गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूपों की जानकारी की मांग को लेकर प्रदर्शन करने वाले एक निहंग की पगडियां जिन भी एसजीपीसी कर्मचारियों ने उतारी है वह एक अपराध है। एसजीपीसी इन दोषी कर्मचारियों की पहचान करवा कर इन कर्मचारियों को श्री अकाल तख्त साहिब के पांच प्यारों के समक्ष उस दिन पेश करवाएगी जिन दिन पांच प्यारे अमृतपान करवाते है वहां यह कर्मचारी अपनी गल्ती को स्वकार करते हुए पांच प्यारों से धार्मिक सजा लगवाएंगे।
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पंथ से श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से निष्कासिक किए गए अकाली दल के पूर्व केबिनेट मंत्री सुच्चा सिंह लंगाह के साथ संबंध रखने वाले एसजीपीसी के सदस्य गुरिंदर पाल सिंह गोरा, धर्म प्रचार कमेटी के पूर्व सदस्य रत्न सिंह जफरवाल और दमदमी टकसाल के प्रवक्ता प्रो सरचांद सिंह ने भी पेश होकर अपनी गल्ती स्वीकार की इस दौरान सिंह साहिब ने इन दोषियों को धार्मिक सजा चुनाते हुए कहा कि
— यह दोषी एक एक साहज पाठ आप करेंगे या पाठी सिंह से करवाएंगे
— इस दौरान यह दोषी अपने अपने निकट के गुरुद्वारों में जा कर पांच दिन हर रोज एक घंटा सेवा करेंगे।
— दो दिन श्री हरिमंदिर साहिब में सेवा करेंगे और कीर्तन सुनेगे एक एक घंटा हर रोज
— सेवा मुकम्मल होने के बाद यह दोषी 1100 —1100 रूपए की कडाह प्रदास की देग करवाएंगे
— 1100 —1100 रूपए श्री अकाल तख्त साहिब की गोलक में भी जमा करवाएंगे
— इस के साथ इस दौरान कोई भी सिख और एसजीपीसी का कोई भी सदस्य तब तक कोई भी संबंध नही रखेगा जब तक यह अपनी सजा पूरी नहीं करते
— सजा पूरी करने के बाद यह श्री अकाल तख्त साहिब पर अपनी रिपोर्ट देंगे
— अगर यह सजा पूरी करने के बाद दोबारा सुच्चा सिंह लंगाह के साथ संपर्क रखते है तो इन को दोषी पंथ के दोषी एलान कर दिया जाएगा।
— पंकज शर्मा

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