मंगलवार, 16 अक्टूबर 2018

चीफ खालसा दीवान में नए सदस्यों को भर्ती करने के खिलाफ दीवान दो भागों में हुआ विभाजित


— चुनावों से पहले अब दूसरा ग्रुप चरणजीत सिंह चड्ढा को भी दीवान में

लाने के लिए बनाने लगा रणनीति।
— चड्ढा और अणखी ग्रुप में हो सकती है सीधी टक्कर। धनराज ग्रुप भी लगा
भविष्य की रणनीति तैयार करने।
अमृतसर
चीफ खालसा दीवान की कार्यकारिणी कमेटी व जनरल हाउस की ओर से दीवान की
पूर्व तीन सदस्यों को नए सदस्यों के रूप में दीवान में शामिल करने का
मामला गहरा होता जा रहा है। दीवान के पूर्व आनरेरी सचिव भाग सिंह अणखी,
जीएनडीयू के पूर्व वीसी डा हरभजन सिंह सोच और पूर्व दीवान सदस्य अवतार
सिंह दीवान को नए सदस्यों के रूप में दीवान की अंदर शामिल करने के लिए
फीस पर्ची कटने बाद भी विवाद थमने का नाम नही ले रहा है। मंगलवार को
दीवान के गुरुद्वारा कलगीधर साहिब में माथा टेकने के बाद जब भाग सिंह
अणखी दीवान के कार्यालय में पहुंचे तो उनका कुछ सदस्यों ने खुल कर विरोध
किया। जिस के चलते दीवान के कार्यालय में अलग अलग ग्रुपों के बीच तनाव
वाला महौल बना रहा। परंतु अब दीवान के पूर्व अध्यक्ष चरणजीत सिंह चड्डा
की भी दीवान के अंदर एंट्री को लेकर दीवान के चड्डा ग्रुप के सदस्यो ने
रणनीति बनानी शुरू कर दी है। इस को लेकर चड्डा ग्रुप के सदस्यो ने चड्डा
की एंट्री को बिना किसी विवाद के दीवान में करवाने के लिए बैठक भी आयोजित
​की। चड्डा की दीवान के एंट्री के रास्ते में इस वक्त श्री अकाल तख्त
साहिब किे आदेश मुख्य रूकावट बने हुए है। श्री अकाल तख्त साहिब के
जत्थेदार की ओर से चरणजीत सिंह चड्डा की एक महिला प्रिंसिपल के साथ अशलील
हरकतें करते हुए की वीडियो वायरल होने के बाद पैदा हुए विवाद के बाद
चरणजीत सिंह चड्डा को अध्यक्ष पद से हटाने के आदेश जारी करते हुए कहा था
कि चरणजीत सिह चड्डा दो वर्षों तक किसी भी धार्मिक , समाजिक व राजनीतिक
कामों में हिस्सा नहीं लेंगे। इस के चलते चड्डा को दीवान की प्राथमिक
सस्यता से निष्कासित करने के बाद खालसा कालेज मैनेजमेंट से भी निष्कासित
कर दिया गया था। चड्डा पिछले काफी दिनों से कोशिशें कर रहे है श्री अकाल
तख्त साहिब से उनको राहत मिल जाए। उनके उपर लगाई गई दो वर्षों की पाबंदी
को खत्म किया जाए। चड्डा की पत्नी की ओर से इस संबंध में श्री अकाल तख्त
साहिब पर पत्र भी दिया जा चुका है। इस से पहले चड्डा ने हरिमंदिर साहिब
के लंगर घर के लिए दूध रखने वाली कैंडी दी थी यहां उनको श्री अकाल तख्त
साहिब के आदेशों के खिलाफ सिरोपा दिया गया था। इसी तरह गुरुद्वारा डेरा
बाबा नानक में भी अकाल तख्त साहिब के हुकमों के खिलाफ सिरोपा दिया गया।
तनखाईया चरणजीत सिंह चड्डा को अब श्री अकाल तख्त साहिब से राहत दिलवाने
के लिए योजनाएं शुरू हो गई है।
दूसरी ओर धनराज सिंह ग्रुप ने अब चड्डा ग्रुप में अपना विलय करने की जगह
अपनी अलग से पहचान बना कर गतिविधियां शुरू कर दी है। किसी समय चड्डा
ग्रुप के समर्थक रहे सदस्य आज धनराज सिंह ग्रुप में है। जबकि धनराज सिंह
को भाग सिंह अण्खी ने दीवान का सदस्य बनाया था। अब दीवान की कार्यकारणी
और जरनल हाउस के फैसलों के अनुसार दीवान का प्रबंध चलाने वाले पांच सदस्य
22 नवंबर से पहले दीवान के जरनल चुनाव करवाने के लिए चुनाव नोटिफिकेशन
जारी करेंगे। जिस को लेकर दीवान के तीनों ग्रुपों ने आने वाले चुनावों को
लेकर गतिविधियां चलाते हुए बैठकें करनी शुरू कर दी है। इस बार चुनावों
में चाहे सीधे टक्कर चड्डा और अणखी ग्रुप मे होगी वहीं धनराज का ग्रुप
अपने आप को और अधिक शक्तिशाली बनाने के लिए योजनाओं को अमल में लाने लग
पडज्ञ है।
— पंकज शर्मा

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