मंगलवार, 3 जुलाई 2018

बिना योजना व प्रबंधो के विद्यार्थियों को लूटने के लिए जीएनडीयू अधिकारियों ने लागू कर दिया आटो ब्रूम स्टाप सिस्टम

— विश्वविद्यालय के मुख्य गेटों के पास बनी  पार्किंग पर कारें खडी कर
जाना होगा पैदल या साइकल पर विद्यार्थियों को विभागों में पढ़ने के लिए
— कैंपस के महौल को शांतिमय व प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए लागू किया जा
रहा है यह प्रोजेक्ट
पंकज शर्मा , अमृतसर
गुरू नानक देव विश्वविद्यालय ने कैंपस के अंदर वाहनों की ट्रैफिक कम करने
के लिए आटो ब्रूम स्टाप सिस्टम स्थापित करने की आधी आधूरी योजना को
विश्वविद्यालय प्रबंधकों ने सोमवार लागू कर दिया। इस का ठेका एक निजी
फर्म को दिया गया है। इस फर्म ने पहले ही दिन बाहरी लोगों और
विद्यार्थियो अमृतसर अटारी जीटी रोड वाले गेट पर रोकना शुरू कर दिया। गेट
के पास स्थिति पार्किंग पर दो पहिया व चार पहिया वाहन रोक कर लगवाने शुरू
कर दिए। परंतु विद्यार्थियो और बाहर से आए लोगों के लिए अंदर अलग अलग
विभागों के जाने के लिए ठेकेदारों ने साइकल उपलब्ध ही नहीं करवाए। जिस को
लेकर विद्यार्थियों में रोष पैदा हो गया। विद्यार्थियों को गेट से अलग
अलग विभागों में पैदल जाने के लिए मजबूर किया गया। कुछ कर्मचारियों को भी
रोका गया। जब कर्मचारियों ने विरोध प्रगट किया तो उनको वाहन लेकर अपने
अपने विभागों में जाने की ठेकेदारों ने इजाजत दे दी। परंतु विद्यार्थियों
को परेशान किया गया।
गुरु नानक देव विश्वविद्यालय के वीसी ने मार्च माह के दौरान दवा किया था
कि  एक जुलाई से विश्वविद्यालय के कर्मचारियों के वाहनों  के उपर लगे
स्टिकर को इलैक्ट्रानिक स्कैनर सिस्टम से आटो स्कैन किया जाएगा इस के बाद
ही कोई वाहन कैंपस के अंदर जाएगा। विश्वविद्यालय के दोनों गेटों पर विशाल
पार्किंग स्थापित होगी। इस पार्किंग पर विद्यार्थियों और बाहर से आए वाहन
पार्क होंगे। कोई भी वाहन कैंपस के अंदर नहीं जाएगा। जबकि अध्यापकों के
वाहनों को इस सिस्टम से शूट प्रदान की गई है। जीएनडीयू के मुख्य गेटों पर
बनी पार्किंग से विभिन्न विभागों में जाने के लिए विद्यार्थियों को जो
तो ई रिक्शा, साइकल के माध्यम से  या फिर पैदल जाना होगा। इस प्रोजेक्ट
पर विश्वविद्यालय की ओर से सवा तीन करोड़ रूपये खर्च करने का दावा किया
गया था।  हीरो  साइकल कंपनी वाहन पार्किंग से कैंपस के विभिन्न विभागों
तक जाने के लिए किराए पर साइकल व ई रिक्शा की सुविधा प्रदान करेगी। वीसी
ने दावा किया था  कि इस से कैंपस में वाहनों की बढ़ रही ट्रेफिक पर
कंट्रोल होगा वही इस से पर्यावरण रक्षा की तरफ भी कदम बढेगा।  कैंपस के
अंदर इस प्रोजेक्ट के अनुसार कोई मशीनरी भी स्थापित नहीं की गई।
जबकि इस से पहले बाहर से आने वाले लोग और विद्यार्थी अपने कारें व अन्य
वाहन अलग अलग विभागों तक लेकर चले जाते थे। वहीं विद्यार्थी एक दूसरे
विभाग में अपने चौपहिया वाहन लेकर जाते थे। वीसी का कहना था कि इस से
कैंपस के अंदर चौपहिया वाहन ट्रैफिक बढ़ जाती थी और पर्यावरण प्रभावित भी
होता था।
जीएनडीयू की ओर से राम तीर्थ रोड व जीटी रोड के दोनों मुख्य गेटों के पास
बडे वाहन पार्किंग बनाने शुरू कर दिए है। प्रत्येक पार्किंग में 300 से
लेकर 450 तक कार पार्किंग की व्यवस्था होगी। इन पार्किंग स्थलों पर
विद्यार्थियों की कारें और बाहर से अपने कामों के लिए आने वाले
व्यक्तियों की कारें पार्क होंगी। विश्वविद्यालय के दोनों गेटों के उपर
ब्रूम स्टाम सिस्टम स्थापित होंगे। विश्वविद्यालय के प्रत्येक कर्मचारी
और विद्यार्थी को वाहन के पर लगाने के लिए एक स्टिकर जारी किया जाएगा।
जैसे ही वाहन गेट के पास पहुचेगा। वहां पर लगा स्कैनर वाहन के स्टिकर को
स्कैन करेगा तभी गेट खुलेगा। आगे विद्यार्थियों और अध्यापकों के वाहनों
को जाने के लिए दो अलग अलग रास्ते होंगे। विद्यार्थियों के वाहन सीधे
पार्किंग में जाएंगे जबकि अध्यापकों के वाहनों को विभाग के पास जाने की
छूट होगी। इसी तरह बाहर से आने वाले व्यक्तियों के वाहनों की पार्किंग भी
गेटों के समीप बने वाहन स्टेंडों पर होगी। आगे पैदल चल कर जाना होगा। अगर
कोई पैदल डिपार्टमेंट तक नही पहुंच सकता तो पार्किंग के पास से साईकल व ई
रिक्शा की सुविधा प्रदान होगी। यह सुविधा हीरो साइकिल कंपनी किराया लेकर
प्रदान करेगी। कंपनी की ओर से लिए गए टेडर के अनुसार हीरो कंपनी 300 के
करीब साइकल की व्यव्स्था करवा रही है। एक बार साइकल किराए पर लेने के लिए
पांच रूपये का किराया होगाा।सारा दिन के लिए साइकल किराए पर लेने के लिए
फीस दस रूपये का पास दिया जाएगा। इसी तरह अगर एक के लिए पास साइकल का
बनान है तो 190 रूपये फीस लगेगी। इस पार्किंग स्थलों की मेटिनेंस भी हीरो
कंपनी की करेगी। ठेकेदारों ने लोगों को गेट के पास रोक कर जबरदस्ती उनके
वाहन पार्किंग पर लगावने शुरू कर दिए। परंतु अधिकारियों के दावे के
अनुसार कोई भी व्यवस्था का इंतजाम नहीं किया।

कैंपस के महौल को शांतिमय बनाने के लिए किया गया प्रोजेक्ट लागू : प्रो काहलों

गुरू नानक देव विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डा केएस काहलों ने कहा कि
विश्वविद्यालय के अंदर वाहनों की आवाजाई रोकने के लिए ही यह सिस्टम लागू
किया जा रहा है। एक सप्ताह के भीतर साइकल व इस रिक्शा उपलब्ध करवा दिए
जाएंगे। ठेकेदारों को हिदायत की जाएगी कि अभी कुछ दिन विद्यार्थियों और
बाहर से आए लोगों को परेशान न किया जाए।

वीसी की रिहाईश व कार्यालय का विद्यार्थी करेंगे घेराव : राजबीर
विद्यार्थी संगठन नेशनल स्टूडेंट्स फेडरेशन के सचिव राजबीर सिंह राजबिंद
और विजय ठाकुर ने कहा कि जीएनडीयू अधिकारियों ने बिना कोई योग्य प्रबंध
किए इस योजना को लागू कर दिया है। ठेकेदारों को विद्यार्थियों की लूट
करने की इजाजत दी गई है। जबकि अध्यपकों और कर्मचारियों पर इस योजना को
लागू नहीं किया गया है। वहीं कैंपस के अंदर रहने वाले कर्मचारियों को भी
पहले दिन ठेकेदारों ने आने जाने के लिए ​मुश्किलें खडी की है। अगर
विद्यार्थियों की लूट वीसी ने बंद न करवाई तो वीसी के कार्यालय और रिहाईश
दोनो का घेराव करने के साथ साथ गेट के बाहर जीटी रोडं जाम कर दी जाएगी
जिसकी जिम्मेवारी विद्यार्थियों को लूटने वाले अधिकारियों की होगी।

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