सोमवार, 2 अप्रैल 2012

Read This How Much Truth In This


क्या आप जानते हैं कि मुस्लिम मांसाहारी और स्वभाव से ही हिंसक प्रवृति के क्यों होते हैं....?????? मुसलमानों का यह भी दावा है कि ... अल्लाह को न तो मांस चाहिए और न ही खून चाहिए ...! यह जानकर आपके आश्चर्य की सीमा नहीं रहेगी कि इन सारे सवालों का जबाब बाईबल और कुरान में छुपा हुआ है...! यह सभी मानते हैं कि तौरेत यानी बाइबिल कुरान से काफी पहले की अल्लाह की किताब है . यद्यपि मुसलमान यह भी कहते हैं कि तौरेत में लोगों ने बदलाव कर दिया है .लेकिन अधिकांश बातें बाइबिल और कुरान में एक जैसी मिलती हैं....! यही नहीं, कुछ ऐसी परम्पराएँ और रिवाज भी है जो मुसलमानों ने तौरेत से अपना लिए हैं , जिनको ये "सुन्नते इब्राहीम" कहते हैं , जैसे खतना कराना और कुर्बानी का रिवाज ,यानि अल्लाह के नाम पर जानवरों की हत्या करना इत्यादि ! ईसाई और मुसलमान दोनों यह मानते हैं कि अल्लाह ने पहला व्यक्ति आदम को बनाया था जिसके दो पुत्र काबिल और हाबिल हुए थे .जिनमे से एक की संतान से सारे मनुष्य पैदा हुए है .! तो...... यदि बाईबल की मानें तो... 1- सृष्टि का प्रथम मांसाहारी अल्लाह ही है , बाइबिल के अनुसार आदम का बड़ा बेटा काबिल खेती करने लगा और छोटा बेटा भेड़ बकरियां पालने का काम करने लगा ... कुछ समय बाद जब काबिल अपनी उपज से कुछ भेंट खुदा को चढाने के लिए गया तो खुदा ने उसे अस्वीकार कर दिया .लेकिन जब हाबिल ने एक पहिलौठे भेड़ को मारकर उसकी चर्बी खुदा को चढ़ाई तो खुदा ने खुश होकर कबूल कर लिया .... बाइबिल -उत्पत्ति 4 :1 से 6 इस बात से पता चलता है कि अल्लाह स्वभाव से हिंसक और मांसप्रेमी है उस समय खुदा का घर नहीं था ..... इसीलिए उसने आसान तरकीब खोज निकाली 2-स्थायी वधस्थान कुछ समय के बाद खुदा ने एक जगह स्थायी वधस्थल ( slaughter place ) बनवा दिया जिसे मिज्बह Altars (Hebrew: מזבח, mizbe'ah, कहते हैं ,वहीँ पर खुदा जानवरों की बालियां .स्वीकार करता था .ताकि भटकना नहीं पड़े .खुदा ने कहा , "तू मेरे लिए एक मिट्टी की वेदी बनवाना और उसी पर अपनी भेड़ -बकरियां और अपने गाय बैलों की होम बलियां चढ़ाना .और मैं वहीँ रह कर तुझे आशीष दूंगा और अगर तू पत्थर की वेदी बनाये तो तराशे हुए पत्थरों की नहीं बनाना ................ बाइबिल .व्यवस्था 20 :24 -२५ 3-खुदा को मांसाहारी पसंद जब एक बार खुदा में मुंह में मांस का स्वाद लग गया तो छोटे बड़े सभी शाकाहारी जानवरों की कुर्बानियां लेने लगा ,और उनकी आयु .रंग और मरने की तरकीबें भी लोगों को बताने लगा ,जो बाइबिल और कुरान में बतायीं हैं खुदा ने कहा ,क्या मनुष्य के और क्या पशु के जोभी अपनी माँ की बड़ी संतान हो ,वे सब तू मेरे लिए रख देना ................ Exodus 13:2 खुदा ने कहा कि याजक पाप निवारण के लिए वेदी पर निर्दोष मेंढा लेकर आये .....................बाइबिल .लेवी 5 :15 अल्लाह ने मूसा से कहा गाय न बूढ़ी हो और न बछिया .......इसके बीच की आयु की हो....................सूरा -बकरा 2 :68 "तुम ऊंटों को पंक्ति में खड़ा कर देना ,और जो गोश्त के भूखे हों वह धीरज रखें ,जब ऊंट ( रक्तस्राव ) के किसी पहलू पर गिर जाये तो उसको कट कर खुद खा लेना और भूखों को खिला देना .......सूरा -हज्ज 22 :36 4-लडके लड़कियों की क़ुरबानी जब खुदा को जानवरों की कुर्बानियों से संतोष नहीं हुआ तो वह इंसानों के लडके लड़कियों की कुर्बानी लेने लगा .इब्राहीम और इसहाक ( इस्माइल ) की कथा तो लोग जानते हैं ,लेकिन खुदा ने लड़की की क़ुरबानी भी ले ली थी .देखिये . खुदा ने इब्राहिम से कहा तू मेरे द्वारा बताई गयी जगह मोरिया पर जा ,और अपने प्रिय बेटे इसहाक की मेरे लिए होम बलि चढ़ा दे .........Genesis 22:1-18 फिर इब्राहीम ने लडके को माथे के बल लिटा दिया ........तब हमने उसकी जान बचाने के लिए एक विशेष कुर्बानी पेश कर दी .............सूरा -अस साफ्फात 37 :103 से 107 उपरोक्त बातें पढ़ और समझ कर ये जानना कतई भी कठिन नहीं है कि आखिर वे इतने अधिक मांस प्रेमी और हिंसक प्रवृति के क्यों होते हैं....!! साथ ही ... हम हिन्दुओं को मांसाहारी कहने वाले मुस्लिमों में इतनी हिम्मत है कि मांसाहारी अल्लाह को शैतान कह दें ...??? अगर नहीं... तो, हमें उपदेश देना बंद करे ...! नोट: ये लेख किसी दुर्भावना के कारण नहीं बल्कि लोगों के सामान्य ज्ञान में वृद्धि करने के पवित्र उद्देश्य से लिखी गई है...! किसी भी सज्जन अथवा दुर्जन को इस पोस्ट से अगर कोई आपत्ति है तो वो मुझसे और भी सबूत मांग सकता /सकती है...! जय महाकाल...!!!

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