बुधवार, 30 मार्च 2011

तीर नजरो से छेडा है अब दर्दे-जीगर का क्या होगा,


Sanjeev:

तीर नजरो से छेडा है अब दर्दे-जीगर का क्या होगा,

जख्म लागाये हो मल्हमने उस जख्मका मल्हम क्या होगा,

परदा तो अभी सरका ही नही बैचेन दिल ये क्यो फिरे,

जब दिलके दरवाजे खुलेगें उस वक्तका हस्र क्या होगा,

ये दिलकी लगी कोइ खेल नही इस आगका बुजना मुश्कील है

जो आग लगायी हो आंशुओने उस आगका हस्र क्या होगा ।



तुटने से डाल न गभराया करो

फिर नया बसेरा बनाया करो

क्या हुआ जो पंख नही उडान के लीये

होसलो को बुलंदीओ पर ले जाया करो

प्रेमराह भी बहोत कठीन है मेरे दोस्त

कांटो पे चलने की आदत डाल लीया करो






तुम चीत चुराओ या चीर मेरे
में पनघट पे न आउ ये मुमकीन नही
तुम दिलबर मेरे में दिवानी तेरी
दिल किसी और से लगाउ ये मुमकीन नही
तुम नयनो से नयना मीलाके रखो
में पलके जुकाउ ये मुमकीन नही
तुम बागवान मेरे में कली हुं तेरी
फिरभी न खीलु ये मुमकीन नही
तुम बंसी बजा कर नचाओ मुजे
पग घुंघरू न बांधु ये मुमकीन नही
तुम बंसी बजा कर इसारा करो
में मधुबन न आउ ये मुमकीन नही
तुम रहो साथ साथ मेरे
में दुनीयाकी भीडमे खो जाउ ये मुमकीन नही
तुम तारनहार हो प्यारे
में दरीयामे डुब जाउ ये मुमकीन नही



कहते है खुद की सबके दिलो को चुराते है,

मगर देखा हमने वोह अपना गम छुपाते है,

बारीस में चलना उसे पसंन्द है बहोत,

दरअसल बारीसमें अपने अश्क छूपाते है,

बाते करना हसना हसाना आदत है उनकी,

असलमें वोह अपनी पुरानी यादे छुपाते है ।

i am back friends



तुम यहां तो स्वर्ग है यहां,
तुम जो नही जीवन बने नर्क यहां,
तुम बोलो तो फुल बरसे,
चुप जो रहो तो अश्रु बरसे यहां,
मीलो जो तुम आये बहार,
न मीलो तो वीराना हो जाये यहां,
खुश जो हो जाओ तो दुनीया लुटा दें,
रुठ जाओ गर तुम तो लुट जाये दुनीया यहां ।




आप को देखा तो यह खयाल आया,
सोते सोते आपका हसीन ख्वाब आया,

काले काले नयन कजरारेने मारे तीर,
उस तीर लगने से दिल को सुकुन आया,

काले घने बाल देखा तो यह खयाल आया,
वोह आसमां के घने बादलो का खयाल आया,

आपके मदहोश गुलाबी गालो का क्या कहेना,
बागो की गुलाब की कली का खयाल आया,

आपके नसीले होठो से चड गया नशा,
इन्द्र की मदिराके प्याला का खयाल आया,

बनाया है आपको कुदरतने बडे ही फुरसत से,
इश्वर के लाजवाब करिश्मे का खयाल आया

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