रविवार, 19 अगस्त 2012

अमृतसर मीडिया जगत की एकता तोडऩे की कोशिश, साफमा के अमृतसर यूनिट की स्थापना


अमृतसर, 17 अगस्त:
साउथ एशिया फ्री मीडिया एसोसिएशन (साफमा) की स्थाना के लम्बा अर्से के बाद , ऐसी क्या जरूरत बन गई कि पाकिस्तान के इस संगठन को अमृतसर में अपना यूनिट स्थापित करना पड़ा। क्यां अमृतसर का मीडिया इतना कमजोर है कि उसके पास अपने फैसले खुद लेने की क्षमता नहीं रह गई है। 
गत दिवस साफमा के इम्तियाज अमृतसर आए और अमृतसर म
ें साफमा का यूनिट कायम कर दिया। कुछ चुनिदा अंग्रेजी अखबारों के रिपोर्टो को लेकर खड़े किये गए इस यूनिट ने अपनी पहली मीटिंग में ही घोषणा कर दी कि नवंबर माह में एक समेनीर पत्रकारिता पर अमृतसर में आयोजित किया जाए और दूसरा लाहौर में होगा। यह भी घोषणा की गई कि संगठन पाकिस्तान के लिए वीजा लेने के लिए सेंटर अमृतसर और भारत के लिए वीजा लेने के लिए सेंटर लाहौर में स्थापित करवाएगा। यह भी कहा गया कि दोनों शहरों के पत्रकारों को एक दूसरे देश में सेमीनार में हिस्सा लेने के लिए वीजे भी दिलवाए जाएंगे। यही ही बस नहीं एक साजिश के तहत इस संगठन को समर्थन देने वाले कुछ लोगों ने अमृतसर मीडिया के कर्मियों को बड़े स्तर पर नजर अंदाज करके कुछ चुनिदा मीडिया लोगों को बुला कर साबित कर दिया कि फ्री मीडिया एसोसिएशन फ्री मीडिया नही बल्कि अमृतसर व खासकर पंजाब की मीडिया बरादरी को एक साजिश के तहत डिवाईड करने वाली नीति पर चलने की कोशिश की जा रही है। कुछ आदमी साफमा की अमृतसर में हुई पहली बैठक में ऐसे भी चले गए थे जिनकों फोन करके बुलाया नहीं गया था। परंतु इन के उपर वह लोग कड़ी नजर से देख रहे थे जो लोग पर्दे के पीछे साफमा का अमृतसर यूनिट चला कर अपने कथित स्वार्थों को घास डालने की कोशिश कर रहे है। मीडिया के जिन लोगों को अपनी ही बरादरी मुंह लगाने के लिए तैयार नहीं है वह लोग पर्दे के पीछे बैठ कुछ भोले भाले मीडिया कर्मचारियों को सुनहरे सब्ज बाग दिखा कर गुमराह करते हुए अपने स्वार्थ की रोटियां सेंकने की कोशिश कर रहे है। क्या फ्री मीडिया एसोसिएशन को एक ऐसा पत्रकार हथियार बना कर अपने किन स्वार्थों की पूर्ति के लिए तानबाना बुन रहा है जो आम व बड़ी अखबारों को पत्रकारों को भी पत्रकार समझता नहीं है। आखिर अमृतसर की पत्रकारी बिरादरी को विभाजित कर, वह अमृतसर प्रेस कल्ब के लिए सरकार के साथ चल रही जद्दोजहद की पीठ में छुर्रा घोंप कर खुद तथाकथित नेता बनने वालों के मनसूबों को अमृतसर की धरती की मीडिया बरादरी पानी नहीं देने देगी।

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